Tuesday, 9 August 2022

आजादी के अमृत महोत्सव पर हिन्दी में भाषण \\ azadi ka amrit mahotsav par bhashana


"आज दिन शुभ है 
याद वीरों को करते हैं 
हुए मातृभूमि हित बलिदान 
उनको नमन शत शत करते हैं |"


आजादी के अमृत महोत्सव की इस बेला पर आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं |
15 अगस्त वर्ष 1947 को भारत के संविधान में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है | यह दिन भारतीय के मन में नवीन स्फूर्ति ,नवीन आशा ,उत्साह व देशभक्ति का संचार करता है | स्वतंत्रता दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि हमने कितनी कुर्बानियाँ देकर यह आजादी प्राप्त की है | आजादी की रक्षा  हमें हर कीमत पर करनी है ,इसके लिए अपने प्राणों की आहुति क्यों न देनी पड़े | सरहद पर खड़े भारती के वीर सपूत इस बात के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं |
                     
       "याद रखो, भारती के सपूतों  का बलिदान 
        इस दिन के लिए जो हुए थे हँस कर कुर्बान ||"
आज मैं मेरे वक्तव्य में भले ही वो संपूर्णता शामिल न कर पाऊं ,पर उन बातों का अवश्य उल्लेख करूंगी जो हमें आजादी के अमृत महोत्सव पर गौरवान्वित करे | हम गर्व महसूस करें भारतीय होने पर |  भारत देश विश्वगुरु  बनने के पथ पर निरंतर अग्रसर है |  मैं सर्वप्रथम बात सीमा के प्रहरियों की करती हूँ |  जल,थल और वायु सेना जो भारत को सुरक्षा की दृष्टि से सशक्त राष्ट्र बनाती है और विश्व में चौथे स्थान पर सबसे ताकतवर सेना के रूप में प्रतिष्ठित है |       
सामाजिक दृष्टि से भारत को देखती हूँ तो एक संबल ,सशक्त राष्ट्र के रूप में पाती हूँ  | यहां बेटी से लेकर महिलाओं की सुरक्षा ,स्वाभिमान व स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयास किए गए उसी का प्रतिफल है कि देश के सर्वोच्च पद को आदिवासी महिला सुशोभित कर रही है | तथा गृहलक्ष्मी की भांति देश का वित्त मंत्रालय एक महिला संभाल रही है | भारतीय सेना में एन.डी.ए के माध्यम से महिलाओं का प्रवेश गौरान्वित करती है | 
भारतीय संस्कृति  सम्पूर्ण भारत को एक राष्ट्र के रूप में पिरोए हुए है | भारत मां के हार में मोती से सजे राज्य और इन मोतियों की चमक ही सम्पूर्ण विश्व में सांस्कृतिक रूप से भारत को दीप्तिमान बनाती है |

आर्थिक दृष्टि से बात करूं तो भारत विश्व में छठे स्थान पर है और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए निरंतर कर्मरत है | स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत ने  वैश्विक महामारी कोरोना पर जीत प्राप्त की और उस  दौरान पड़ौसी देशों को भी इस महामारी से लड़ने में मदद प्रदान की |  सामाजिक ,आर्थिक ,सांस्कृतिक ,खेल ,व्यापार हर क्षेत्र में भारत देश अपना परचम लहरा रहा है |
"आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर" कार्यक्रम  का शुभारंभ करते हुए आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने  कहा -" कितना ही अंधेरा छाए, भारत मूल स्वभाव नहीं छोड़ता | आज करोड़ों भारतवासी स्वर्णिम भारत की आधार शीला रख रहे हैं | राष्ट्र का अस्तित्व है |   यह एहसास नए भारत के निर्माण में भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत बनाता जा रहा है |" 
                                                         

                              " बदला -बदला मेरे देश का मिजाज है 
                                 हर क्षेत्र में बढ़ा रहा कदम बेमिसाल है 
                                  विश्व गुरु था भारत ,है और रहेगा 
                               यह परिचय अपना विश्व को करा रहा |"      

                                                     






















Friday, 8 July 2022

class 10 hindi lesson 11, पाठ का नाम - बालगोबिन भगत प्रश्न उत्तर

 

प्रश्न अभ्यास 

प्रश्न 1.खेतीबारी से जुड़े गृहस्थ बालगोबिन भगत अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे?
उत्तर -बालगोबिन भगत बेटा-पतोहू से युक्त परिवार, खेतीबारी और साफ़-सुथरा मकान रखने वाले गृहस्थ थे, फिर भी उनका आचरण साधुओं जैसा था। वह सदैव खरी-खरी बातें कहते थे। वे झूठ नहीं बोलते थे। वे किसी की वस्तु को बिना पूछे प्रयोग नहीं करते थे। वे किसी से झगड़ा नहीं करते थे। वे अत्यंत साधारण वेशभूषा में रहते थे। वे अपनी उपज को कबीर पंथी मठ पर चढ़ावा के रूप में दे देते थे। वहाँ से जो कुछ प्रसाद रूप में मिलता था उसी में परिवार का निर्वाह करते थे।

प्रश्न 2.भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी?
उत्तर- भगत की पुत्रवधू उन्हें इसलिए अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी, क्योंकि भगत के इकलौते पुत्र और उसके पति की मृत्यु के बाद भगत अकेले पड़ गए थे। स्वयं भगत वृद्ध हैं। नियम-धर्म का पालन करने वाले भगत अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं करते हैं। उसके अलावा भगत को रोटियाँ बनाकर देने वाला भी कोई नहीं था और वह उनकी सेवा करके अपना जीवन बिताना चाहती है |

प्रश्न 3. भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर अपनी भावनाएँ किस तरह व्यक्त कीं?
उत्तर- भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर सामान्य लोगों की तरह शोक और दुख प्रकट नहीं कर रहे हैं । वे मृत बेटे के सामने बैठकर मस्ती और तल्लीनता में कबीर के पद गाते रहे। वे मृत्यु को आत्मा-परमात्मा का मिलन बताकर  इससे दुखी होने के बजाय खुश होने की बात कहते हैं । वे अपनी पुत्रवधू को भी रोने के स्थान पर उत्सव मनाने के लिए कहते जा रहे थे।

प्रश्न 4.भगत के व्यक्तित्व और उनकी वेशभूषा को अपने शब्दों में चित्र प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर- बालगोबिन भगत मँझोले कद के गोरे-चिट्टे साठ वर्ष से अधिक उम्र वाले आदमी थे। उनके बाल सफ़ेद हो चुके थे। उनका चेहरा सफ़ेद बालों से जगमगाता रहता था। कपड़ों के नाम पर उनके शरीर पर एक लँगोटी और सिर पर कनफटी टोपी धारण करते थे बालगोबिन भगत और गले में तुलसी की बेडौल माला पहने रहते थे। उनके माथे पर रामानंदी टीका सुशोभित होता था। सर्दियों  में वे काली कमली ओढ़े रहते थे।

प्रश्न 5.बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के अचरज का कारण क्यों थी?
उत्तर-बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के लिए कुतूहल का कारण थी। वे अत्यंत सादगी, सरलता और नि:स्वार्थ भाव से जीवन जीते थे। उनके पास जो कुछ था, उसी में काम चलाया करते थे। वे किसी की वस्तु को बिना पूछे उपयोग में न लाते थे।  इसके अलावा दाँत किटकिटा देने वाली सर्दियों की भोर में खुले आसमान के नीचे पोखरे पर बैठकर गाना, उससे पहले दो कोस जाकर नदी स्नान करने जैसे कार्य लोगों के आश्चर्य का कारण थी।

 प्रश्न 6.पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर-बालगोबिन भगत सुमधुर कंठ से इस तरह गाते थे कि कबीर के सीधे-सादे पद भी उनके मुँह से निकलकर सजीव हो उठते थे। उनके गीत सुनकर बच्चे झूम उठते थे, स्त्रियों के होंठ गुनगुनाने लगते थे और काम करने वालों के कदम लय-ताल से उठने लगते थे। इसके अलावा भादों की अर्धरात्रि में उनका गान सुनकर उसी तरह चौंक उठते थे, जैसे अँधेरी रात में बिजली चमकने से लोग चौंक कर सजग हो जाते हैं।

प्रश्न 7.कुछ मार्मिक प्रसंगों के आधार पर यह दिखाई देता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे। पाठ के आधार पर उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे। यह पाठ के निम्नलिखित मार्मिक प्रसंगों से ज्ञात होता

i, भगत ने अपने इकलौते पुत्र के निधन पर न शोक मनाया और न उसके क्रिया-कर्म को    ज्यादा महत्त्व नहीं दिया।

ii  उन्होंने पुत्र को स्वयं मुखाग्नि न देकर अपनी पुत्रवधू से मुखाग्नि दिलवायी।

iii उन्होंने विधवा विवाह के समर्थन में कदम उठाते हुए उसके भाई को कहा कि इसको साथ

  ले जाकर दुबारा विवाह करवा देना।

iv.   वे साधुओं के संबल लेने और गृहस्थों के भिक्षा माँगने का विरोध करते हुए तीस कोस     

   दूर गंगा स्नान करने जाते और उपवास रखते हुए यह यात्रा पूरी करते थे।

 

 8.धान की रोपाई के समय समूचे माहौल को भगत की स्वर लहरियाँ किस तरह झंकृत कर देती थीं? उस माहौल का शब्द-चित्र प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर-आषाढ़ महीने की रिमझिम के बीच सारा गाँव खेतों में उमड़ पड़ा है। शीतल पुरवाई चल रही है। आसमान बादलों से आच्छादित है। कहीं हल चल रहे हैं कहीं रोपनी हो रही है। बच्चे पानी भरे खेत में खेल रहे हैं। औरतें कलेवा लिए मेंड़ पर बैठी हैं। इसी समय भगत का कंठ फूट पड़ता है और उनके स्वरों की गूंज आसपास के लोगों को झूमने के लिए विवश कर देती है। इसे सुनकर बच्चे झूमने लगते हैं, स्त्रियों के होंठ गुनगुनाने लगते हैं और गीत की लय-ताल पर अँगुलियाँ रोपाई करने लगती हैं तथा कदम उठने लगते हैं।

प्रश्न 9.पाठ के आधार पर बताएँ कि बालगोबिन भगत की कबीर पर श्रद्धा किन-किन रूपों में प्रकट हुई है?
उत्तर-बालगोबिन ‘भगत का पहनावा और आचरण कबीर पंथियों जैसा था। वे कबीर को साहब मानते थे और उनसे असीम श्रद्धा और विश्वास रखते थे। कबीर के प्रति उनकी श्रद्धा निम्नलिखित रूपों में प्रकट हुई है

*उनका पहनावा कबीर पंथियों जैसा था।

*उनके गले में तुलसी की माला और मस्तक पर रामानंदी टीका होता है।

*वे अपने खेत की सारी उपज कबीरपंथी मठ पर ले जाकर चढ़ावे के रूप में अर्पित कर देते थे और जो कुछ प्रसाद रूप में मिलता उसी से घर चलाते।

*वे कबीर के समान खरा-खरा व्यवहार करते ।

*उन्होंने कबीर के पदों का गायन करते हुए द्रिन बिताया।

*उन्होंने आत्मा को परमात्मा का अंश मानकर मृत्यु को दोनों के मिलन का शुभ अवसर

  बताया। उन्होंने कबीर की भाँति जीवन को नश्वर बताया।

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class 10 ,lesson 2 ,राम लक्ष्मण परशुराम संवाद वस्तुपरक प्रश्न

 

प्रश्न अभ्यास

प्रश्न 1 परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए ?

उत्तर -  परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए निम्नलिखित तर्क दिए –

·         लक्ष्मण कहते हैं कि हमने तो सभी धनुष को समान  ही समझा है |

·         पुराना धनुष था , इसलिए टूट गया | पुराने धनुष के टूटने से क्या    

      लाभ और क्या हानि |

·     राम ने तो धनुष को नया समझा था | जैसे ही राम ने धनुष को छुआ वह टूट गया | राम की इसमें कोई गलती नहीं है |

 

प्रश्न 2, परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर :परशुराम के क्रोध करने पर राम ने अत्यंत विनम्र शब्दों में–धनुष तोड़ने वाला आपका कोई दास ही होगा’ कहकर परशुराम का क्रोध शांत करने एवं उन्हें सच्चाई से अवगत कराने का प्रयास किया। उनके मन में बड़ों के प्रति श्रद्धा एवं आदर भाव था। उनके शीतल जल के समान वचन परशुराम की क्रोध की अग्नि  को शांत कर देते हैं। लक्ष्मण का  स्वभाव उग्र  था। वे परशुराम को अपने वचनों से क्रोधित कर देते हैं | उनकी व्यंग्यात्मकता से परशुराम आहत हो उठते हैं |

 

प्रश्न 3 . लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं ?

उत्तर :  लक्ष्मण ने वीर योद्धा की विशेषताएँ हुए कहा है

 i कि जो वीर होते हैं वो स्वयं अपनी तारीफ़ नहीं करते हैं |

ii वीर धैर्यवान होते हैं |

iii. वीर पुरुष अपशब्दों का प्रयोग नहीं करते हैं |

iv. वीर पुरुष युद्ध भूमि में अपने कर्म से श्रेष्ठ होते हैं |

 

प्रश्न4, साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

उत्तर : यह सही है  कि साहस और शक्ति के साथ विनम्रता का मेल होना चाहिए अन्यथा विनम्रता के अभाव में व्यक्ति उद्दंड हो जाता है। वह अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए दूसरों का अहित करने लगता है। साहस और शक्ति के साथ विनम्रताका मेल श्रीराम में है जो स्वयं को ‘दास’ शब्द से संबोधित करके प्रभावित करते हैं।वे अपनी विनम्रता के कारण परशुराम की क्रोधाग्नि को शीतल जल रूपी वचन के छीटें मारकर शांत कर देते हैं।

अतिरिक्त प्रश्न

1,धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा ?

उत्तर – परशुराम ने राम से कहा कि सेवक वह है जो जो सेवा का कार्य करे, शत्रुता का कार्य करके वैर ही मोल लिया जाता है |

2, परशुराम के अनुसार लक्ष्मण क्या भूल कर रहे थे उनकी भूल का परशुराम ने क्या कारण बताए ?

उत्तर – परशुराम के अनुसार लक्ष्मण सभी धनुष को एक समान समझने की भूल कर रहे थे ,जबकि शिवाजी का यह धनुष संसार में प्रसिद्ध है | लक्ष्मण की इस भूल का कारण परशुराम यह मानते हैं कि काल के वक्ष होकर लक्ष्मण ऐसी बातें कर रहे हैं |

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Sunday, 26 June 2022

राम लक्ष्मण परशुराम संवाद ।। class 10 ।। lesson 2 ।। तुलसीदास द्वारा रच...

राम – लक्ष्मण – परशुराम संवाद बहुविकल्पीय प्रश्न


 उत्तर 1. परशुराम के क्रोध को शांत करने के लिए राम ने उबसे क्या कहा ?
 iधनुष तोड़ने वाला आपका कोई सेवक होगा
 ii धनुष तोड़ने वाला कोई राजकुमार है 
 iii यह धनुष अपने-आप ही टूट गया
 iv इनसे से कोई भी उत्तर सही नहीं है 

 2.शिव जी के धनुष को तोड़ने वाले के विरुद्ध परशुराम ने किस प्रकार के व्यवहार का संकल्प लिया ?
 i धनुष तोड़ने वाला मेरे लिए शत्रु के समान है ।
 ii धनुष तोड़ने वाला मेरे लिए सहस्रबाहु के समान है ।
 iii वह तुरंत इस समाज को छोड़कर अलग हो जाए,नहीं तो सभी राजा मारे जाएँगे । 
 iv सभी विकल्प सही हैं । 

 3.लक्ष्मण के किस बात से परशुराम का क्रोध और बढ़ गया ? 
 i बचपन में हमने बहुत-सी धनुइया तोड़ी , तब तो आपने क्रोध नहीं किया, लेकिन अब इस धनुष पर इतनी ममता क्यों ? 
 ii क्षमा कीजिए, धनुष तो अपने-आप ही टूट गया, इसमें हमारी कोई गलती नहीं 
 iii धनुष टूटने का उचित मूल्य बताइए, हम उसे चुका देंगे।
 iv विकल्प (क) व (ख) सही हैं ।

 4 ’भृगुकुलकेतु’ किसे कहा गया है?
 i विश्वामित्र को 
 ii परशुराम को
 iii वहाँ पर उपस्थित महाराजाओं को
 iv दिए गए में से कोई नहीं

 5.स्वयंवर में जो धनुष टूट गया था, वह धनुष किसका था ? 
 i परशुराम जी के आराध्य शिव जी का 
 ii राजा जनक का 
 iii विष्णु जी का
 iv दिए गए विकल्पों में से कोई नहीं

 6.लक्ष्मण के अनुसार राम जी ने धनुष को किस तरह से देखा था ? 
 i नए की तरह 
 ii पुराने की तरह 
 iii एक साधारण धनुष की तरह
 iv सभी विकल्प सही हैं 

 7.’रे सठ सुनेह सुभाउ न मोरा’ परशुराम ने लक्ष्मण को क्या कह कर पुकारा ?
 i दुष्ट 
 ii मूर्ख
 iii उपर्युक्त दोनों
 iv. कोई नहीं 

 8,परशुराम लक्ष्मण पर प्रहार क्यों नहीं कर रहे थे ?
 i उन्हें बालक समझ कर
 ii ब्राह्मण समझकर 
 iii अबोध समझकर 
 iv सभी सही 

 9.फरसे के द्वारा परशुराम लक्ष्मण को क्या समझाना चाहते थे?
 i वे क्रोधी है समझ जाओ 
 ii अपने बल-प्रताप के बारे में
 iii फरसे की कठोरता के बारे में 
 iv उपर्युक्त सभी कथन सही 

 10.परशुराम ने धरती को किससे रहित कर दिया था ?
 i ब्राह्मणों से 
 ii राजाओं से
 iii राक्षसों से 
 iv सभी सही हैं

 11.’भुजबल भूमि भूप बिनु किन्ही’ पंक्ति में कौनसा अलंकार है ? 
 i अनुप्रास अलंकार 
 ii उपमा अलंकार 
 iii रूपक अलंकार
 iv उदारहण अलंकार

 12.’आप फूँक से पहाड़ उड़ाना चाहते हो’ लक्ष्मण ने यह किससे कहा ?
 i परशुराम से 
 ii राम से
 iii दोनों से
 iv सभी सही हैं 

 13.यहाँ कुम्हड़बतिया को‍उ नाहीं, इस में कुम्हड़बतिया का अर्थ है ? 
 i काशी फल के फूल के लिए 
 ii कमल के फूल के समान 
 iii गुलाब का फूल के समान 
 iv सभी सही हैं 

 14.लक्ष्मण के अनुसार उनके कुल के लोग किन पर गुस्सा नहीं करते हैं 
 i देवता
 ii ब्राह्मण
 iii भक्त एवं गाय
 iv सभी सही हैं 

 15. आप ने व्यर्थ में ही धनुष, कुठार धारण कर रखें हैं ? यह कथन किसने किस के लिए कहा गया है ?
 i परशुराम ने लक्ष्मण के लिए 
 ii लक्ष्मण ने परशुराम के लिए
 iii राम ने परशुराम के लिए 
 iv सभी सही है

 16. पुनि-पुनि में कौनसा अलंकार है ?
 i अनुप्रास अलंकार 
 ii पुनरुक्तिुप्रकाश अलंकार
 iii उपमा अलंकार
 iv सभी सही है 

 17.’कौसिक सुनहु मंद येहु बालकु’ यहाँ कौसिक किस के लिए आया है ?
 iपरशुराम के लिए 
 ii विश्वामित्र के लिए
 iii राम के लिए 
 iv कोई सही नहीं है 

 18.अपने मुँह से स्वयं, अपनी तारीफ कौन कर रहा है ?
 i लक्ष्मण ii राम iii परशुराम iv सभी सही हैं 

 19.लक्ष्मण के अनुसार वीर योद्धा कौन होता है ? 
 i जो अपनी बातों से वीरता का बखान करे |
 ii. जो युद्ध भूमि में वीरता का प्रदर्शन करें
 iii. जो तरलवार चलाना जानता हो 
 iv. दोनों सही हैं 

 20.’कालकवलु होइहि छन माहीं’ पंक्ति में किस को मारने की बात कही गई है ?
 i सभा में उपस्थित राजाओं को 
 ii लक्ष्मण को 
 iii जिसने धनुष को तोड़ा उसके लिए 
 iv राम के लिए 

 21.कुटिल कालबस निज कुल घालकु में कौनसा अलंकार है ? 
 i उपमा अलंकार ii अनुप्रास अलंकार iii रूपक अलंकार iv पुनरुक्ति अलंकार 

 22, आप तो मेरे लिए जैसे मौत को बुला लाएँ हैं, यह किसने कहा ?
 i लक्ष्मण ने कहा ii राम iii परशुराम iv सभी सही 
 
23 परशुराम अपने व्यक्तिव की क्या विशेषता बताते हैं ? 
 i सीधी बात कहने वाला ii कठोर वाणी, 
 iii क्रोधी, करूणा हीन iv सभी सही

 24,किसने लक्ष्मण के अपराध माफ़ करने का अनुरोध किया ?
 i विश्वामित्र ने ii राम ने iii दोनों सही नहीं है iv सभी सही 

25,परशुराम कौनसे ऋण से मुक्त होने की बात कहते हैं ?
 i गुरू ऋण से ii पितृ ऋण से 
 iii दोनों सही नहीं है iv सभी सही 

 26, बार- बार में कौनसा अलंकार का प्रयोग हुआ है ?
 i पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार । ii उपमा अलंकार 
 iii अनुप्रास अलंकार iv रूपक अलंकार 
  
 27, "आपको कौन नहीं जानता" यह किस के लिए कहा गया है ?
 (क) राम के लिए (ख) विश्वामित्र के लिए (ग) परशुराम के लिए (घ) लक्ष्मण के लिए 

 28, यह किस ने कहा कि आप माता-पिता के ऋण से मुक्त हो गए हो ? 
 (क) राम के लिए (ख) विश्वामित्र के लिए (ग) परशुराम के लिए (घ) लक्ष्मण के लिए 

 29ब्याज बड़ बाढ़ा में कौन-सा अलंकार है ?
 (क) पुनरूक्ति प्रकाश (ख) अनुप्रास अलंकार (ग) उपमा अलंकार (घ) कोई भी सही नहीं है ।

 30, भृगुबर किस के किए आया है ? 
 (क) राम के लिए (ख) विश्वामित्र के लिए (ग) परशुराम के लिए (घ) लक्ष्मण के लिए 

 31, राम के वचन किस के समान बताय गए हैं ? 
 (क) जल/पानी (ख) अग्नि के समान (ग) दोनों सही हैं (घ) कोई सही नहीं है ।

Tuesday, 21 June 2022

class 10 course A HINDI SYLLBUS 2022-23

                                                                        हिन्दी पाठ्यक्रम  अ (कोड सं. 002) 

                                                                                   वर्ष  2022-23 

                                                                                कक्षा  - दसवीं    

              प्रश्न पत्र दो खंडों  'अ '   और  'ब' में विभक्त  होगा :-

           खंड 'अ ' में  49 वस्तुपरक  (objective ) पूछे जाएंगे ,जिनमें केवल 40 प्रश्नों के ही उत्तर देने हैं |

           खंड 'ब' में  वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाएंगे | प्रश्नों में उचित आंतरिक विकल्प दिए जाएंगे |

            भारांक -80 (वार्षिक बोर्ड परीक्षा )+20 (आंतरिक परीक्षा )

निर्धारित समय : 3 घंटे 

                                                     खंड 'अ ' बहुविकल्पीय प्रश्न 


                                        1,                     अ   अपठित गद्यांश         5

                                                                  ब  अपठित पद्यांश        5 

व्याकरण से संबंधित प्रश्न बहुविकल्पीय प्रश्न (1 x 16)

कुल  20 प्रश्न पूछे जाएंगे जिनमें  से केवल  16 प्रश्नों के उत्तर  देने होंगे |

      1, रचना के आधार पर वाक्य भेद  (4 अंक ) ( 5 में से 4 प्रश्न करने होंगे )

      2, वाच्य   (4 अंक )                                     ( 5 में से 4 प्रश्न करने होंगे )

      3,पद परिचय ( 4 अंक )                              ( 5 में से 4 प्रश्न करने होंगे )

     4, अलंकार   ( शब्दालंकार :श्लेष ) अर्थालंकार : उत्प्रेक्षा ,अतिशयोक्ति ,मानवीकरण   ( 4 अंक )  ( 5 में से 4 प्रश्न करने होंगे )

 

  पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग -2  

          पाठों से प्रश्न 

     * क्षितिज के निर्धारित पाठों से गद्यांश के आधार पर पांच बहुविकल्पीय प्रश्न 1 x 5 = 5 

    *   क्षितिज के निर्धारित पाठों से  दो  बहुविकल्पीय प्रश्न                   1 x 2  = 2 

कविता से प्रश्न (काव्य खंड )

       * क्षितिज के निर्धारित कविताओं से पद्यांश  के आधार पर पांच बहुविकल्पीय प्रश्न 1 x 5 = 5 

    *   क्षितिज के निर्धारित कविताओं से  दो  बहुविकल्पीय प्रश्न 1 x 2  = 2           

                                                         खंड - ब (वर्णनात्मक  प्रश्न )

* क्षितीज से निर्धारित पाठों से तीन प्रश्न पूछे जाएंगे (विकल्प सहित 25 से 30 शब्द सीमा वाले 4 में से तीन प्रश्न करने होंगे )   3 x 2 =6 

*  क्षितीज से निर्धारित कविताओं से तीन प्रश्न पूछे जाएंगे (विकल्प सहित 25 से 30 शब्द सीमा वाले 4 में से तीन प्रश्न करने होंगे )   3 x 2 =6 

पूरक पाठ्य पुस्तक कृतिका भाग -2  

कृतिका से निर्धारित पाठों पर आधारित दो प्रश्न पूछे जाएंगे (2 x 4 =8 )

विकल्प सहित 50 से 60 शब्द  सीमा वाले 3 में से 2 प्रश्न करने होंगे |

                                                      लेखन 

1,अनुच्छेद लेखन (विकल्प सहित किन्हीं तीन विषयों में एक पर 120 शब्दों में अनुच्छेद लेखन )    6 अंक 

2, औपचारिक अथवा अनौपचारिक विषयों में लगभग 100 शब्दों में एक विषय पर पत्र                 5 अंक 

3,  उपलब्ध रिक्ति के लिए लगभग 80 शब्दों में स्ववृत लेखन अथवा  औपचारिक  ई -मेल लेखन    5  अंक 

4, विज्ञापन  लेखन अथवा संदेश लेखन(शुभकामना,पर्व-त्योंहार एवं विशेष अवसरों पर )               4  अंक 

                                                                                                                                 कुल अंक 80 


आंतरिक मूल्यांकन 20 

i सामयिक आकलन                              5 

ii बहुविध आकलन                                5 

iii पोर्टफोलियो                                       5 

iv श्रवण एवं वाचन                                 5 


कुल अंक 100 


निम्नलिखित पाठों से प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे 

क्षितीज भाग 2 

पाठों से   1,महावीर प्रसाद  द्विवेदी - स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन 

              2, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना - मानवीय करुणा की दिव्य चमक    

कविता से  1, देव -सवैया ,कवित 

                 2, गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना |

                 3 , ऋतुराज का कन्यादान  

कृतिका भाग -2 

                1एही ठैयां  झुलनी हेरानी हो रामा 

               2, जार्ज पंचम की नाक  |     


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class 9 HINDI COURSE A , NEW syllabus ‍2022-23

                                                               हिन्दी पाठ्यक्रम  अ (कोड सं. 002) 

                                                                             वर्ष  2022-23 

              प्रश्न पत्र दो खंडों  'अ '   और  'ब' में विभक्त  होगा :-

           खंड 'अ ' में  49 वस्तुपरक  (objective ) पूछे जाएंगे ,जिनमें केवल 40 प्रश्नों के ही उत्तर देने हैं |

           खंड 'ब' में  वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाएंगे | प्रश्नों में उचित आंतरिक विकल्प दिए जाएंगे |

            भारांक -80 (वार्षिक बोर्ड परीक्षा )+20 (आंतरिक परीक्षा )

निर्धारित समय : 3 घंटे 

                                                     खंड 'अ ' बहुविकल्पीय प्रश्न 


                                        1,                     अ   अपठित गद्यांश         5

                                                                  ब  अपठित पद्यांश        5 

व्याकरण से संबंधित प्रश्न बहुविकल्पीय प्रश्न (1 x 16)

कुल  20 प्रश्न पूछे जाएंगे जिनमें  से केवल  16 प्रश्नों के उत्तर  देने होंगे |

      , शब्द निर्माण 

       उपसर्ग                     2 

        प्रत्यय                      2 

        समास                    4 

* उपसर्ग और प्रत्यय में पांच (5) में से चार (4) प्रश्नों के उत्तर देने हैं 

* समास में  पांच (5) में से चार (4) प्रश्नों के उत्तर देने हैं 


*अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद  4 अंक  (5 में से 4 प्रश्न करने हैं )

* अलंकार (शब्दालंकार- अनुप्रास और यमक )  (अर्थालंकार :- उपमा ,रूपक )  5 में से 4 प्रश्न करने हैं |    4 अंक  

प्रश्न 3,  पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग -1 

          पाठों से प्रश्न 

     * क्षितिज के निर्धारित पाठों से गद्यांश के आधार पर पांच बहुविकल्पीय प्रश्न 1 x 5 = 5 

    *   क्षितिज के निर्धारित पाठों से  दो  बहुविकल्पीय प्रश्न                   1 x 2  = 2 

कविता से प्रश्न (काव्य खंड )

       * क्षितिज के निर्धारित कविताओं से पद्यांश  के आधार पर पांच बहुविकल्पीय प्रश्न 1 x 5 = 5 

    *   क्षितिज के निर्धारित कविताओं से  दो  बहुविकल्पीय प्रश्न 1 x 2  = 2           

                                                         खंड - ब (वर्णनात्मक  प्रश्न )

* क्षितीज से निर्धारित पाठों से तीन प्रश्न पूछे जाएंगे (विकल्प सहित 25 से 30 शब्द सीमा वाले 4 में से तीन प्रश्न करने होंगे )   3 x 2 =6 

*  क्षितीज से निर्धारित कविताओं से तीन प्रश्न पूछे जाएंगे (विकल्प सहित 25 से 30 शब्द सीमा वाले 4 में से तीन प्रश्न करने होंगे )   3 x 2 =6 

पूरक पाठ्य पुस्तक कृतिका भाग -1 

कृतिका से निर्धारित पाठों पर आधारित दो प्रश्न पूछे जाएंगे (2 x 4 =8 )

विकल्प सहित 50 से 60 शब्द  सीमा वाले 3 में से 2 प्रश्न करने होंगे |

                                                      लेखन 

1,अनुच्छेद लेखन (विकल्प सहित किन्हीं तीन विषयों में एक पर 120 शब्दों में अनुच्छेद लेखन )    6 अंक 

2, औपचारिक अथवा अनौपचारिक विषयों में लगभग 100 शब्दों में एक विषय पर पत्र                 5 अंक 

3,  लघुकथा लेखन   अथवा  औपचारिक  ई -मेल लेखन                                                            5  अंक 

4, संवाद लेखन अथवा सूचना लेखन                                                                                        4  अंक 

                                                                                                                                 कुल अंक 80 


आंतरिक मूल्यांकन 20 

i सामयिक आकलन                              5 

ii बहुविध आकलन                                5 

iii पोर्टफोलियो                                       5 

iv श्रवण एवं वाचन                                 5 


कुल अंक 100 


निम्नलिखित पाठों से प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे 

पाठों से   1,चपला देवी - नाना साहब की पुत्री देवी नमैना को भस्म कर दिया गया 

              2, हजारीप्रसाद द्विवेदी - एक कुत्ता और एक मैना 

कविता से  1, केदारनाथ अग्रवाल -चंद्र गहना से लौटती बेर 

                 2, चंद्र कान्त देवताले - यमराज की दिशा 

कृतिका भाग -1 

                1, विद्यासागर नौटियाल -माटी वाली  |

                2, किस तरह आखिरकार मैं हिन्दी में आया |     


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Monday, 20 June 2022

class 10 course a , lesson NETAAJI KAA CASHMAA # नेताजी का चश्मा QUESTION - ANSWERS

 

1,नेताजी का चश्मा के लेखक कौन हैं ?

    I स्वयं प्रकाश

    II रामवृक्ष बेनीपुरी

    III यशपाल

 

2, नेताजी का चश्मा पाठ का मुख्य पात्र कौन है ?

     I लेखक स्वयं

     IIकैप्टन चश्मा वाला

     III नेताजी

 

3,हालदार साहब कंपनी के काम से कस्बे में कितने दिन में जाते थे?

     I सात दिन में

     II पंद्रह दिन में

     III दूसरे दिन

 

4, कस्बे के मुख्य चौराहे पर किस की प्रतीमा लगाई गई थी ?

    I गाँधी जी की

    II सरदार वल्लभ जी की

   III सुभाष चन्द्र बोस की

 

5,मूर्ति बनाने वाले ने मूर्ति में क्या नहीं लगाया ?

   I चश्मा

  II रंग भरना

 III टोपी लगाना

 

6, नेताजी की चश्मा पर रोज चश्मा कौन लगाता था ?

   I कैप्टन साहब

   II  हालदार साहब

   III पानवाला

 

7,साहब कैप्टन मर गया । यह किसने कहा ?

   I हालदार साहब ने

  II  पानवाले ने

 III   ड्राइवर ने

 

8, कैप्टन साहब की मृत्यु के बाद नेताजी की मूर्ति पर किस का चश्मा लगा हुआ था ?

     I सरकंडे का

    II संगमरमर का

    III  पत्थर का

 

9. एक बेहद बूढ़ा मरियल सा लँगड़ा आदमी किसे कह गया है?

    I कैप्टन साहब को

    II लेखक को

    III हालदार को

 

10, हालदार साहब ने कैप्टन साहब के बारे में क्या  सोचा ?

     I वो बहुत बड़े देशभक्त हैं

    II वो आज़ाद हिन्द फोज के सिपाही होंगे

     III वो बहुत अच्छे हैं

 

 

पाठ सहित ,सी.बी.एस.ई की विगत परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न

प्रश्न 1. सेनानी न होते हुए भी चश्में वाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे ?

उत्तर :-  सेनानी न होते हुए भी चश्मेंवाले को लोग कैप्टन कहते थे,क्योंकि उनके हृदय में देशभक्ति की भावना थी और वो देश भक्त लोगों का आदर करते थे |

प्रश्न 2. “वो लँगड़ा क्या जाएगा फौज में | पागल है पागल !”

कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए |

उत्तर :-  कैप्टन के प्रति पानवाले की यह टिप्पणी बिलकुल भी उचित नहीं है | कैप्टन भले ही फौज में भर्ती होने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम नहीं था परंतु उसके हृदय में देशभक्ति की भावना थी, उनका जज्बा किसी फौजी से कम नहीं था |कैप्टन अपने कार्यों से जो असीम देशप्रेम प्रकट करता था, ऐसे देश भक्त व्यक्ति का हमेशा सम्मान करना चाहिए | देश के प्रति त्याग और समर्पण की भावना रखने वाला व्यक्ति श्रद्धा का पात्र है, उपहास का नहीं |

प्रश्न 3. जिस किसी ने नेता जी की मूर्ति की आंखों पर सरकंडे से बना चश्मा लगाया होगा, उसे आप किस तरह व्यक्ति मानते हैं और क्यों ?

उत्तर :- पाठ नेताजी का चश्मा में लेखक स्वयं प्रकाश ने कैप्टन चश्में वाले के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिकों का, देश के प्रति योगदान को रेखांकित किया है | जिस किसी ने भी नेताजी की मूर्ति की आंखों पर सरकंडे का चश्मा लगाया है, वह देशभक्त व्यक्ति है क्योंकि  देशभक्त व्यक्तियों का सम्मान करने वाला है |  

प्रश्न 4. मूर्तिकार के द्वारा ‘बनाकर पटक देने के पीछे क्या भाव निहित हैं’ ?

उत्तर :- पाठ में बताया गया कि मूर्ति बनाने का कार्य कस्बे के इकलौते हाई स्कूल के ड्राइंग मास्टर मोती लाल जी को यह कार्य दिया गया | मूर्ति कार ने अपने आप को मूर्ति बनाने में निपुण दिखाने के लिए एक महीने में मूर्ति बनाकर पटक देने की बात कही |

प्रश्न 5. अपने दैनिक कार्यों में किसी न किसी रूप में हम भी देश -प्रेम की भावना को किस प्रकार प्रकट कर सकते हैं ?

उत्तर :- सीमा पर तैनात रहने वाले सैनिक हर पल पूर्णतः देश के प्रति समर्पित रहते हैं | देश के आम नागरिक भी अपने नित्य कर्म के माध्यम से देश प्रेम की भावना प्रकट कर सकते हैं, जैसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाना, राष्ट्रीय स्मारकों का सम्मान करना, देशभक्ति की भावना रखने वाले लोगों का सम्मान करना | पर्यावरण संरक्षण करना, राष्ट्रीय पर्वों का सम्मान करना |

प्रश्न 6,जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात नहीं देखा था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा ?अपनी कल्पना के आधार पर उत्तर दीजिए |   

उत्तर:-जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात नहीं देखा था तब      उन्होंने सोचा था कि चश्मे वाला अवश्य कोई पुराना फौजी होगा वह लंबा- तगड़ा देशभक्त जवान होगा या सुभाष चंद्र बोस के समय का आजाद हिन्द फौज का सिपाही रहा होगा |   

प्रश्न 7, पान वाले का चरित्र -चित्रण कीजिए |

उत्तर :- पानवाला अपनी पान की दुकान पर बैठा ग्राहकों को पान देने के अलावा उनसे कुछ न कुछ बातें करता रहता है। वह स्वभाव से खुशमिज़ाज, काला मोटा व्यक्ति है। उसकी तोंद निकली हुई है। वह पान खाता रहता है जिससे उसकी बत्तीसी लाल-काली हो रही है। वह जब हँसता है तो उसकी तोंद थिरकने लगती है। वह वाकपटु है जो व्यंग्यात्मक बातें भी कहता है।

प्रश्न 8, सिद्ध करें कि हालदार साहब सच्चे देशभक्त थे ?

उत्तर- हालदार साहब सच्चे देशभक्त थे उनके मन में क्रांतिकारी सुभाष चंद्र बोस के प्रति गहरा सम्मान था इसलिए सदा सुभाष की मूर्ति के सामने जीप रुकवाते थे और उन्हें कौतूहल से निहारा करते थे उन्हें यह देखकर भी अच्छा लगता था कि छोटे से कस्बे में सुभाष की मूर्ति को चश्मा पहनाने वाला कोई देशभक्त नागरिक है बिना चश्मे वाली मूर्ति देखकर भी उदास हो जाते थे और चश्मे वाले मूर्ति से खुश हो जाते थे इससे उनकी देशभक्ति का परिचय मिलता है | देशभक्त लोगों का सम्मान भी करते थे |

प्रश्न 9,बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है ?

उत्तर:- बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाना यह उम्मीद जगाता है  कि बच्चों के मन में देश प्रेम और देशभक्ति के बीज अंकुरित हो गए हैं। उन्हें यह ज्ञान हो गया है कि शहीदों और देश भक्तों का आदर करना चाहिए। भावी पीढ़ी में देश प्रेम की भावना विद्यमान है |

 

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class 10 ,कक्षा 10 यह दंतुरित मुसकान और फसल के प्रश्न अभ्यास

  यह दंतुरित मुसकान प्रश्न 1 .  कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है है ? त्तर उत्तर :- कवि न...